गुजरात: क्या सच में पुलिस फंड से बीजेपी को 20 करोड़ रुपए दिए गए, जब मोदी मुख्यमंत्री थे

- अक्तूबर 27, 2018
कुछ मीडिया हाउस के द्वारा 27 अक्टूबर को यह खबर चलाई जा रही थी कि सीबीआई के विशेष निदेशक राकेश अस्थाना को जब सूरत पुलिस आयुक्त के रूप में तैनात किया गया था तब उन्होंने पुलिस कल्याण कोष से 20 करोड़ रुपए बीजेपी को गुजरात चुनाव की मदद के लिए दिए थे और उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे|
 गुजरात: क्या सच में पुलिस फंड से बीजेपी को 20 करोड़ रुपए दिए गए, जब मोदी मुख्यमंत्री थे

 गुजरात: क्या सच में पुलिस फंड से बीजेपी को 20 करोड़ रुपए दिए गए, जब मोदी मुख्यमंत्री थे
लेकिन इस खबर की सत्यता का कोई भी प्रमाण किसी भी समाचार प्रदाता के पास नहीं था| फिर भी दैनिक भास्कर और कुछ अन्य मीडिया हाउसेस के द्वारा ऐसी खबर फैलाई जा रही थी| सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात है की चंद लाइने लिख कर के बिना किसी सबूत वाली खबर को फैलाने का प्रयास किया जा रहा है| जैसे की एक महासत्य हो|

बिना सबूतों वाली एक संदिग्ध रिपोर्ट

यह रिपोर्ट टाइम्स ग्रुप और दैनिक भास्कर के मुंबई मिरर ने प्रकाशित की थी। दावा था कि उसे यह जानकारी एक सेवानिवृत्त पुलिस सब इंस्पेक्टर के द्वारा मिली है| वैसे आप अंदाजा लगा सकते हैं की सब इंस्पेक्टर का दायरा इतना बड़ा नहीं होता कि इतनी बड़ी जानकारी उसके पास हो|


यह खबर सबसे पहले एक गुजराती समाचार हाउस दिव्या भास्कर के द्वारा प्रकाशित की गई थी दिव्या भास्कर भी दैनिक भास्कर ही एक अंग है| जो गुजराती भाषा में समाचार प्रकाशित करता है| उसके बाद इसे दूसरे ऑनलाइन समाचार पत्रों और अखबारों पर प्रकाशित कर दिया गया|

कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर झूठ फैलाया

इस खबर को कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर वायरल किया और नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाए|


कांग्रेस के इन सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं ने बिना सच्चाई को जाने इस खबर को फैलाने का भरपूर प्रयास किया केवल अपनी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस को सपोर्ट करने के लिए|

पुलिस आयुक्त ने कहा की खबर झूठी है

जैसे ही यह खबर फैली, इस खबर का जवाब देते हुए सूरत में पुलिस आयुक्त ने स्वयं ही एक लिखित स्पष्टीकरण जारी किया| आप पुलिस आयुक्त के द्वारा जारी किया गया स्पष्टीकरण खुद ही पढ़ सकते हैं-

 गुजरात: क्या सच में पुलिस फंड से बीजेपी को 20 करोड़ रुपए दिए गए, जब मोदी मुख्यमंत्री थे


पुलिस प्रशासन ने कल्याण निधि के रिकॉर्ड की पुष्टि की है और उन्होंने यह भी पुष्टि की कि राकेश अस्थाना के कार्यकाल के दौरान अर्थात 2011 से 2016 के बीच के समय में बीजेपी को कोई भी राशि नहीं दी गई| पुलिस आयुक्त ने साफ तौर पर कहा कि यह खबर पूरी तरह झूठी और आधारहीन है| यह खबर एकदम झूठी है दिव्या भास्कर दैनिक भास्कर और इंडियाटाइम्स के द्वारा इंटरनेट पर लिखे कुछ चंद झूठे शब्द है जिनमें कोई भी सच्चाई नहीं|

सूरत पुलिस आयुक्त ने पूरी तरह से साफ कर दिया कि यह खबर दैनिक भास्कर गुजराती समाचार पत्र दिव्य भास्कर के द्वारा झूठी तौर पर जारी की गई और इसके लिए उस पर कार्यवाही होगी|


दैनिक भास्कर की दूसरी गलती

दैनिक भास्कर ने कहा कि 20 करोड़ रुपए के दान पर आयकर के लिए इनकम टैक्स विभाग ने टीडीएस के भुगतान के लिए नोटिस भी दिया था|



 गुजरात: क्या सच में पुलिस फंड से बीजेपी को 20 करोड़ रुपए दिए गए, जब मोदी मुख्यमंत्री थे
Dainik Bhasker Fake Report

पर आपको जानकर हैरानी होगी कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को मिले दान यानी की चंदे पर कोई भी आयकर नहीं लगता| इसका मतलब आयकर विभाग ने बीजेपी पर कोई भी नोटिस जारी नहीं किया क्योंकि इसका प्रावधान ही नहीं है| फिर भी दैनिक भास्कर, दिव्या भास्कर और मुंबई मिरर ने ऐसा झूठा दावा किया जबकि आयकर विभाग ने ऐसे किसी नोटिस की सत्यता की बात पर सहमति नहीं दी| इसका सीधा सा मतलब है झूठी खबर फैलाने के चक्कर में दैनिक भास्कर और उनकी मीडिया टीम के लोग कहानी ठीक से बना नहीं पाए और एक बड़ी सी गलती कर गए|