महात्मा गांधी के नाम में महात्मा क्यों और कैसे लगा? आओ जाने


हेलो इंडिया प्लेयर पर आपका स्वागत है| आज मैं आपको महात्मा गांधी के बारे में ऐसी जानकारी दूंगा जो आज तक शायद ही आपको पता हो कि महात्मा गांधी के नाम में महात्मा क्यों और कैसे लगा| 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी का जयंती मनाया जाता है तो उनके बारे में आपको कुछ अलग जानकारी देते हैं|

 महात्मा गांधी के नाम में महात्मा क्यों और कैसे लगा? आओ जाने

महात्मा गांधी

महात्मा गांधी के बचपन का नाम मोहनदास करमचंद गांधी था, महात्मा गांधी गुजरात के पोरबंदर में सत्य सनातन वैदिक धर्म( हिंदू धर्म) के एक साधारण वैश्य परिवार में पैदा हुए थे| यह तो भारत में रहने वाला बच्चा बच्चा भी जानता है| लेकिन उनकी एक जीवन की कुछ विशेष बातें आज आपको श्रंखला में पता चलेगी|

मोहनदास करम चंद्र गांधी को महात्मा गांधी क्यों बुलाया जाता है?

महात्मा गांधी हमेशा अपनी हर बातचीत में खुद को सत्य अहिंसा और धर्म का अनुयाई कहा करते थे और सभी को इस की प्रेरणा देते थे| हर भाषा में हर उपदेश में हर जनसभा में अहिंसा का पाठ पढ़ाते रहते थे|

गांधी की इन्हीं बातों से प्रभावित होकर के रविंद्र नाथ टैगोर ने उन को महात्मा की उपाधि दी थी| तब से ही मोहनदास करमचंद गांधी महात्मा गांधी बने गए|

महात्मा गांधी के बारे में ऐसी कई सारी बातें हैं जिनको कभी सामने नहीं लाया गया...... लेकिन समय के साथ साथ सारी बातें आपके सामने खुद ब खुद आ जाएंगी| लेकिन एक बात में आसानी से समझा जा सकता है कि महात्मा गांधी अंत समय पूरी तरह से कांग्रेस के हाथों की कठपुतली बन चुके थे| तभी पाकिस्तान बन पाया|