कंगाल केजरीवाल मांग रहे चंदा, MCD कर्मचारियों को नहीं दिया वेतन

- अक्तूबर 16, 2018
दिल्ली के मुख्यमंत्री के तो खेल गजब हैं, घडी घडी खेल करते रहते हैं| केजरीवाल के लक्शर में अब भी एक नया खेल फैला हुआ है| ध्यान से पढियेगा|

कंगाल केजरीवाल मांग रहे चंदा, MCD कर्मचारियों को नहीं दिया वेतन
आज केजरीवाल की पार्टी क्या चाल चल रही है ये जानने से पहले आपको कुछ समय पीछे 2017 पंजाब चुनाव की बात जाननी होगी.

पंजाब को तोड़ने जा रहे थे केजरीवाल

दरअसल बात कुछ ऐसी है की 2017 पंजाब के चुनाव में आतंकी दल खालसा के साथ केजरीवाल की एक डील हुयी थी| इस डील के तहत दल खालसा ने केजरीवाल को पंजाब चुनाव की तयारी में आर्थिक मदद की थी यानि रूपए दिए थे| बदले में दल खालसा एक शर्त भी रखी थी की केजरीवाल पंजाब के एक हिस्से को एक अलग एक देश "खालिस्तान" घोषित कर देंगे|

चुनाव के नतीजे आने पर अरविन्द केजरीवाल और खालिस्तान की मांग करने वाले दल खालसा के लोगो की उम्मीदों पर पानी फिर गया क्यूंकि केजरीवाल की पार्टी पंजाब चुनाव हार गयी थी|

केजरीवाल को मिली धमकी

बस फिर केजरीवाल को अंजाम भुगतना पड़ा, दल खालसा ने केजरीवाल को पैसा दिया था वो केजरीवाल को यूँ छोड़ने वाले नहीं थे| उन्होंने केजरीवाल को ब्लैकमेल कर कर के अपना पैसा निकलना शुरू कर दिया था|

पूरा पैसा जो लगभग 60 हज़ार करोड़ था उसमे से केजरीवाल की पार्टी ने आधा तक चूका दिया था लेकिन दल खालसा को पूरा पैसा चाहिए था. केजरीवाल पैसा देना नहीं चाहते थे तो दल खालसा ने वीडियो जारी करके धमकी दी और रिपब्लिक टीवी पर वीडियो चैट के माध्यम से इशारे में केजरीवाल को सावधान किया की हमारे पैसे दे दो|

सफाई कर्मचारियों के वेतन से दल खालसा का कर्ज चुकाया

धमकी मिलने के कुछ दिनों बाद सब कुछ शांत हो गया दल खालसा की तरफ से कोई धमकी नहीं आयी, मतलब उन्हें पैसे दिए जा चुके थे| लेकिन दिल्ली में सफाई कर्मचारियों के वेतन का पैसा जो करीब 48000 करोड़ था वो गायब हो गया था| 

MCD कर्मचारियों ने वेतन न मिलने से नाराज होकर केजरीवाल के घर के आगे प्रदर्शन किया


मतलब समझे, सफाई कर्मचारियों का पैसा आतंकी दल खालसा को दे दिया, इस वजह से लोगो ने केजरीवाल के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया| परेशान सफाई MCD कर्मचारियों ने वेतन न मिलने से नाराज होकर केजरीवाल के घर के आगे प्रदर्शन किया|

जनता का पैसा आतंकियों को दे दिया अब चंदा मांग रहे

अब कर्मचारियों का पैसा तो दल खालसा के लोगो को दे दिया है तो केजरीवाल ने नया तरीका निकला प्रेस कॉन्फ्रेंस करके पार्टी को कंगाल बताया कहा और फिर चंदा मांगना शुरू कर दिया| चंदा के नाम पर लोगो से हर महीने 1०० रूपए से 2०००० रूपए की मांग कर रहे हैं|

दिल्ली में लगभग 2 करोड़ जनसँख्या है अगर आधे लोग भी केजरीवाल की बातों में फस गए तो केजरीवाल 2 महीने में ही चालीस पचास-हजार करोड़ बना लेंगे और आसानी से अपने अपराध पर पर्दा डाल लेंगे|
चंदा उस पार्टी को दिया जाता है जो सत्ता में न हो या फिर कमजोर हो, यहाँ तो केजरीवाल जनता का पैसा दल खालसा जैसे आतंकी दल को कर्ज चुकाने में बर्बाद कर रहे हैं, चंदा देना मूर्खता होगी|

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