सुप्रीम कोर्ट: 7 साल से कम सजा वाले SC ST एक्ट मामले में तुरंत गिरफ्तारी नही


SC ST एक्ट के दुरुपयोग के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फिर से पुनर्विचार करने को कहा है और सख्त लहजे से निर्देश दिए हैं कि ढिलाई ना बरती जाए और ध्यान दिया जाए|

 सुप्रीम कोर्ट: 7 साल से कम सजा वाले SC ST एक्ट मामले में तुरंत गिरफ्तारी नहीं


एक्ट का दुरुपयोग काफी ज्यादा बढ़ गया था और इसीलिए एक लंबे अरसे से इसका विरोध हो रहा है| देश विदेश में विख्यात और करोड़ों लोगों की पसंद स्वामी देवकीनंदन ठाकुर जी ने एक्ट के खिलाफ प्रभावी आंदोलन का संचालन किया और सरकार के द्वारा बनाए गए कानून में सुधार की मांग की|

उनका कहना था कानून सख्त होना चाहिए लेकिन दोषी के लिए| जबकि केंद्र सरकार के द्वारा बनाया गया कानून दोषी व्यक्ति और निर्दोष व्यक्ति दोनों को सजा दिला रहा है दोनों को ही उतना दंड मिल जाता है यह तो निर्दोष के साथ अन्याय है|

केवल आरोप पर नहीं हो गिरफ्तारी

अदालत ने इस पर फिर से एक नए केस को देखते हुए संकेत दिए हैं कि जिस अपराध में कम से कम सजा 7 साल हो उसी में तुरंत गिरफ्तारी की जाएगी| बाकी केसों में जांच के बाद गिरफ्तारी का निर्देश दिया गया है| हालांकि यह मात्र सुझाव है| सुप्रीम कोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस पर मात्र निर्देश दिए हैं अभी इस पर ठोस रूप से कुछ नहीं जा सकता|

देश के लगभग 85 परसेंट लोग इस एक्ट के कारण खतरे में है रोजाना 100 लोगों पर फर्जी मुकदमे पाए जा रहे हैं इसलिए यह मुद्दा सरकार और अदालत दोनों के लिए काफी गंभीर है साथ ही इस पर बढ़ता हुआ विरोध भी काफी विचारशील मामला है|