क्यों एससी एसटी एक्ट का विरोध कर रहा देश? SC ST कास्ट के अलावा

- सितंबर 11, 2018
 क्यों एससी एसटी एक्ट का विरोध कर रहा देश? SC ST कास्ट की के अलावा

मीडिया में भारत बंद को अच्छी तरह से दिखाया गया था सभी लोगों को संदेश गया था कि देश का हर व्यक्ति अपने अधिकार के लिए लड़ सकता है संविधान के आर्टिकल 21A के अनुसार सभी को समानता का अधिकार है. और इसी को देखते हुए 6 सितंबर को समस्त भारतवासियों ने आंदोलन किया था ताकि राजनीति चमकाने के लिए जो कानून बनाया गया है उसका खंडन किया जा सके उसमें परिवर्तन कराया जा सके.

कुछ लोगों को भ्रांतियां थी कि यह आंदोलन केवल सवर्णों की तरफ से आयोजित किया गया परंतु सच्चाई है की भारत बंद सवर्णों की तरफ से नहीं बल्कि हिंदू यानी सनातन धर्म के केवल 1 वर्ग यानी कि SC ST कास्ट में आने वाले लोगों को छोड़कर संपूर्ण हिंदू समुदाय की तरफ से 6 सितंबर को किया गया था. इस बंद में सवर्ण भी दे वैश्य सनातन हिंदू समाज यानी OBC भी थे, और मुस्लिम समाज भी था.

यह कानून SC ST कास्ट के किसी भी व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल किया जा सकता है भारत में रहने वाले किसी भी व्यक्ति पर. लेकिन इसका विरोध इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस कानून का गलत उपयोग काफी हो रहा है.

क्या है एससी एसटी एक्ट?

हालांकि इस कानून के बारे में सभी को पता है फिर भी आप को संक्षिप्त में बताते हैं इस कानून के मुताबिक भाजपा सरकार ने SC ST कास्ट में आने वाले लोगों को एक प्रकार से एक हथियार प्रदान किया हुआ है.

अगर किसी SC ST कास्ट के किसी भी व्यक्ति ने आपको गाली दी याद जातिसूचक यानी कि अगर आप ब्राह्मण,गुप्ता, श्रीवास्तव, ठाकुर, खटीक, शर्मा, यादव यानी कि सवर्ण, वैश्य या फिर मुस्लिम हैं और उस SC ST कास्ट में आने वाले व्यक्ति ने आपको आपकी जाति का नाम लेकर गाली दी और आपने उसके जवाब में उसे भी जाति का नाम लेकर गाली दी थी. तो समझो आप 6 महीने के लिए बगैर जांच के अंदर हो जाएंगे.

अगर किसी SC ST कास्ट के व्यक्ति ने आप पर झूठा आरोप भी लगा दिया तब भी बगैर जांच किए आप को जेल में 6 महीने के लिए डाला जाएगा.

6 महीने तक आपकी कोई सुध नहीं ले पाएगा ना ही कोई आपकी जमानत करा पाएगा इसीलिए सवर्ण समाज ने आंदोलन का आवाहन किया.

एससी एसटी एक्ट में सबसे बुरी बात क्या है?

एससी एसटी एक्ट की सबसे बुरी बात यह है कि अगर आपके ऊपर आरोप लगाने वाला झूठ भी बोल रहा है फिर भी बिना जांच जेल में बंद कर देने का आदेश है और 6 महीने तक जमानत ना देने का साथ ही कोई सुनवाई ना करने का प्रावधान है.

इसीलिए खतरा और भी बढ़ जाता है क्योंकि अक्सर किसी ना किसी से अलग अलग मुद्दों पर लड़ाई या बहस हो ही जाती है सभी का यही हाल है ऐसे में SC ST कास्ट में आने वाले व्यक्ति इस एक्ट को अपने हथियार की तरह इस्तेमाल करता है और झूठा मुकदमा डालकर जेल में करा देता है.

एससी एसटी एक्ट के कितने दुष्प्रभाव?

जब से एससी एसटी एक्ट लागू किया गया है तब से अब तक लाखों लोग जेल में जा चुके हैं और उनमें से 80 परसेंट एससी एसटी एक्ट के मामले झूठे निकले.

यानी कि लाखों लोगों ने बेवजह छह छह महीने की जेल काटी. और उसके बाद उन्हें ना कोई मुआवजा मिला ना कुछ मदद मिली. कुछ सामान्य और गरीब परिवार के लोग इन 6 महीनों में पूरी तरह बर्बाद हो गए क्योंकि वह अपने घर के एकमात्र मुखिया थे.

यह एक किसी के लिए सही नहीं इस एक्ट का सबसे ज्यादा उपयोग राजनीतिक पार्टियों के काम करने वाले लोगों द्वारा किया जाता है.

यह क्या मजाक चल रहा है?

हर प्रदेश में हर जाति के व्यक्ति के साथ रोजाना कोई ना कोई अपराध होता है. कभी कोई गुंडा या मवाली किसी की हत्या कर देता है और कभी किसी को लूट लिया जाता है लेकिन सरकार ने इन मामलों में तुरंत गिरफ्तारी के आदेश नहीं दिए. बल्कि का मजाक के तौर पर ऐसा कानून लागू किया जिसमें गाली देने का आरोप लगने पर अंदर किया जाता है.

यानी कि अगर आप हिंदू धर्म के SC ST कास्ट में आते हैं तो अगर आपके किसी प्रिय बंधु या परिवार के किसी व्यक्ति की कोई हत्या करके चला जाए या फिर आप को लूट कर चला जाए तो पुलिस या प्रशासन आपके अपराधी को तुरंत गिरफ्तार नहीं करेगा शायद आपकी बात पर सुनवाई भी न की जाए. लेकिन अगर कोई आपको गाली देकर चला जाता है और आप उसकी शिकायत करते हैं तो पुलिस तुरंत आप को गाली देने वाले व्यक्ति को अंदर कर देगी.