बलात्कारियो का बचाव करने वालों में शामिल हैं कांग्रेस, सपा, बसपा


बलात्कार ये वो शब्द है जिसने ज़िंदगियाँ बहुत बर्बाद की हैं लेकिन कुछ दरिन्दों को ये खेल लगता है. ये घटनाये शुरू होते ही ख़त्म हो गयी होती अगर इन्हे बढ़ावा देने वाले न होते और अपराधी को बिना भेदभाव के कड़ी सजा दी जाती तो.
बलात्कारियो का बचाव करने वालों में शामिल हैं कांग्रेस, सपा, बसपा

बलात्कारियो का बचाव करने वाले नेताओं में शामिल हैं Rahul, Akhilesh, Mayawati, Mulayam Singh

अब क्या किया जाये, कुछ ऐसे लोगो को भी सत्ता मिल गयी थी जिन्होंने सब बर्बाद कर डाला ऐसा सिस्टम बना डाला जिसमे सजा भी जाति-पाति और मजहब देख कर दी जाती है. समझ तो गए ही होंगे हम बात कर रहे हैं माया,मुलायम,अखिलेश और कांग्रेस का गाँधी परिवार.

इन के कानून के हिसाब से अगर बलात्कार का आरोपी हिन्दू है तो उसे जल्दी और कड़ी सजा मिलेगी और अगर बलात्कारी मुस्लिम है तो उसे टाल मटोली करके महीने भर में रिहा कर देंगे मगर सजा नहीं देंगे और अगर बलात्कारी ईसाई है तो केस ही नहीं दर्ज होने देंगे.
यानि की धर्म के हिसाब से बलात्कार की सजा तये की जाएगी. यानि इनके हिसाब से बलात्कारी हिन्दू निकला तो ही लड़की को न्याय मिलेगा, अगर बलात्कारी मुस्लिम या ईसाई है तो लड़की भाड़ में जाये बलात्कार हुआ ये माना ही नहीं जायेगा.
मुस्लिम और ईसाई को भगवन ने बलात्कार करने के लिए बनाया है उन्हें कानून सजा नहीं दे सकता. वाह रे !

राहुल का नमूना भी देख लो

कुछ समय पहले मंदसौर में एक 7 साल की बच्ची का इरफान खान नाम के जिहादी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बलात्कार किया, फिर जाँच में आरोप सिद्ध भी हो गया और दोनों अपराधियों को फांसी की सजा देने की मांग की जाने लगी.

बस फिर क्या था कांग्रेस तुरंत बलात्कारियो के बचाव में उतर आयी और उसके नेताओ द्वारा दोनों बलात्कारी लड़को के समर्थन में सीबीआई जाँच की मांग की गयी.

बलात्कारियो का बचाव करने वाले नेताओं में शामिल हैं Rahul, Akhilesh, Mayawati, Mulayam Singh

क्यूंकि जिसका बलात्कार हुआ वो एक 7 साल की बच्ची तो थी लेकिन धर्म से हिन्दू थी. उस बची का अपराध बस इतना ही था की वो एक हिन्दू थी अगर मुस्लिम होती तो राहुल गाँधी उसके समर्थन रैली निकलते और न्याय मांगते. 

मगर क्या करें सत्ता के लालच में डूबा व्यक्ति किसी लड़की की इज़्ज़त की परवाह नहीं करता और उसके बलात्कार पर राजनीत करने में शर्म भी नहीं करता. उलटे उसके बलात्कारी का बचाव करता है.

यहाँ तक की राहुल गाँधी ने ये भी कह दिया की मुस्लिम बलात्कारी नहीं माना जा सकता ये इस्लाम में जायज है.



>>दोहरापन या कहो दोगलापन भी है 
ये वही राहुल गाँधी हैं जिन्होंने कठुवा के एक जूठे बलात्कार के केस में आरोपियों को बिना जाँच के ही सजा दे देने की मांग की थी. वजह क्यूंकि जिन पर आरोप लगा था वो हिन्दू धर्म के लोग थे और पीड़ित एक मुस्लिम थी.

मुलायम ने तो बलात्कार को अपराध मानने से ही माना कर दिया

राहुल गाँधी की हरकत और ऐसी घटिया बातें इनको देश निकला देने के लिए काफी हैं लेकिन मुलायम सिंह भी  बहुत आगे है  मुलायम को देख भी लो, और सुन भी लो.


सुनकर यकीन हो गया की मुलायम सिंह अपने ज़माने में पक्के बलात्कारी रहे हैं जब इन जैसे अपने मुँह खुद को समाजवादी कहने वाले नेता जी की ये विचारधारा है तो सोचो जब इनकी पार्टी सत्ता में होगी तब सोचो आपकी बेटियों और बहनो का क्या हाल होगा.

बलात्कारियो का बचाव करने वाले नेताओं में शामिल हैं Rahul, Akhilesh, Mayawati, Mulayam Singh

इनकी सत्ता में किसी लड़की का बलात्कार होने पर वो लड़की क्या करेगी उसके परिवार कहा न्याय मांगेगे. और उन्हें न्याय देगा कौन? क्यूंकि नेता जी के लिए तो बलात्कार जैसा अपराध मात्र छोटी सी गलती है.

अगर पुलिस के पास रिपोर्ट करने जाया जायेगा तो पुलिस भी इन्ही की तरह बोलेगी "लड़के हैं गलती हो जाती है उसकी जान लोगे क्या."

ये वही मुलायम सिंह है अखिलेश के बापू जिन्होंने एक बार मायावती की साड़ी फाड़कर नंगा करने की कोशिस की थी और तभी से मायावती सलवार सूट में आ गयी.

लेकिन मायावती को कोई फर्क नहीं पड़ा राजनीत के चक्कर में औरत की इज़्ज़त भी होती है ये भी उन्हें याद नहीं. दुबारा मुलायम सिंह जैसा आदमी उनकी साडी न फाड् पाए इसलिए साडी छोड़ के सलवार पहनने लगी लेकिन बुराई के दलदल से बच नहीं सकी.

निष्कर्ष

निष्कर्ष बस इतना ही निकलता है की जब तक इस तरह की गन्दी विचार धारा के लोग हमारे बीच जीवित है जो राजनीत के लिए किसी भी हद्द से गुजर जाते हैं तब तक मानवता मरती रहेगी और लड़कियों की इज़्ज़त रहेगी या नहीं ये नहीं कहा जा सकता.